CIBIL Score: आज के समय में अगर आपको loan लेना हो, credit card बनवाना हो या कोई भी financial काम करना हो, तो सबसे पहले आपका CIBIL Score देखा जाता है। कई बार ऐसा होता है कि इंसान को खुद पता भी नहीं होता और उसका score खराब हो चुका होता है, फिर जब जरूरत पड़ती है तब दिक्कत सामने आती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब इसे ठीक कैसे करें और इसमें कितना time लगेगा, क्योंकि बिना अच्छे score के आजकल कई जरूरी काम रुक जाते हैं।
CIBIL Score खराब होने का असली कारण क्या होता है
अक्सर लोग सोचते हैं कि उनका score अपने आप खराब हो गया, लेकिन असल में इसके पीछे हमारी ही कुछ आदतें जिम्मेदार होती हैं। जैसे time पर EMI या credit card bill न भरना, बार-बार loan के लिए apply करना, या फिर अपने credit limit का पूरा इस्तेमाल कर लेना। जब आप payment late करते हैं या miss कर देते हैं, तो उसका सीधा असर आपके record पर पड़ता है और धीरे-धीरे score नीचे गिरने लगता है। कई लोग minimum payment करके भी सोचते हैं कि सब ठीक है, लेकिन इससे भी long term में score पर असर पड़ता है।
कितने महीनों में CIBIL Score सुधर सकता है
अब बात आती है सबसे जरूरी सवाल की, कि इसे ठीक होने में कितना समय लगेगा। सीधी बात करें तो यह कोई एक दिन या एक हफ्ते का काम नहीं है। अगर आप आज से ही अपनी आदतें सुधारना शुरू कर दें, तो लगभग 3 से 6 महीनों में आपको improvement दिखने लगता है। लेकिन अगर आपका score काफी ज्यादा खराब है, तो उसे सही होने में 6 से 12 महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। यहां सबसे जरूरी चीज consistency है, यानी आपको लगातार सही financial behavior दिखाना होगा, तभी धीरे-धीरे score ऊपर जाएगा।
CIBIL Score जल्दी सुधारने के आसान तरीके
सबसे पहला काम है कि आप अपनी हर EMI और bill time पर भरना शुरू करें, क्योंकि यही सबसे बड़ा factor होता है। दूसरी बात, अपने credit card का पूरा limit इस्तेमाल न करें, कोशिश करें कि 30-40% के अंदर ही use करें ताकि आपका control दिखे। तीसरी बात, बार-बार नए loan या card के लिए apply करने से बचें, क्योंकि हर inquiry आपके score को थोड़ा नीचे खींचती है। अगर कोई पुराना loan चल रहा है, तो उसे समय पर खत्म करना भी मदद करता है। ये छोटी-छोटी बातें मिलकर धीरे-धीरे आपका score बेहतर बना देती हैं।
CIBIL Score चेक करना भी उतना ही जरूरी है
कई लोग अपना score कभी check ही नहीं करते, और जब जरूरत पड़ती है तब पता चलता है कि score खराब है। इसलिए समय-समय पर अपना CIBIL report देखना जरूरी है। इससे आपको यह समझ आता है कि आपकी current स्थिति क्या है और कहां सुधार की जरूरत है। अगर report में कोई गलती दिखती है, तो उसे सही करवाना भी जरूरी होता है, क्योंकि कभी-कभी गलत information भी score खराब कर देती है।
क्या पुरानी गलती का असर हमेशा रहता है
कई लोगों के मन में यह डर रहता है कि एक बार score खराब हो गया तो वह हमेशा खराब ही रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप अपनी नई habits को सुधार लेते हैं और लगातार सही तरीके से payments करते हैं, तो पुरानी गलतियों का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है। समय के साथ आपका नया record मजबूत बनता है और lenders को यह दिखने लगता है कि अब आप responsible हो गए हैं।
किन गलतियों से हमेशा बचना चाहिए
कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जो बार-बार करने से आपका score बार-बार गिरता है। जैसे late payment करना, multiple loans लेना, या बिना जरूरत के credit card use करना। कई लोग emotional होकर या जरूरत से ज्यादा खर्च करके loan ले लेते हैं, लेकिन बाद में उसे manage नहीं कर पाते। इसलिए हमेशा अपनी income और जरूरत के हिसाब से ही financial decision लेना चाहिए।
नए लोगों के लिए एक जरूरी सीख
अगर आपने अभी तक loan या credit card use नहीं किया है, तो शुरुआत से ही सही आदत डालना बहुत जरूरी है। हमेशा time पर payment करें, जरूरत से ज्यादा उधार न लें और बिना सोचे-समझे कोई financial decision न लें। क्योंकि एक बार गलती होने के बाद उसे सुधारने में समय लगता है, इसलिए पहले से ही careful रहना ज्यादा आसान होता है।
आखिर में सीधी और काम की बात
CIBIL Score खराब होना कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना बहुत बड़ी गलती हो सकती है। अगर आप discipline के साथ अपनी आदतें सुधारते हैं, तो कुछ महीनों में ही अच्छा बदलाव देखने को मिल सकता है। बस patience रखें, सही direction में चलते रहें और जल्दबाजी में कोई गलत फैसला न लें, तभी आपको सही result मिलेगा।
Disclaimer:
यह जानकारी सिर्फ general awareness के लिए दी गई है, इसे financial advice न समझें। CIBIL Score सुधारने के लिए सही financial habits अपनाना जरूरी है, और अगर जरूरत लगे तो किसी expert की सलाह लेना बेहतर रहेगा ताकि future में कोई परेशानी, rejection या financial loss न हो।